Thursday, 19 February 2026

हँसना

🌸🌷🌺🪷💐🌺🌷🪷💐

वो जीना भी क्या जीना, जिसमें हँसी ना हो,

चेहरे पर बारह बजे हों, और वजह कोई फँसी ना हो।

सुबह उठे तो चाय मिले, पर बिस्कुट गायब पाएँ,

पत्नी बोले “डाइट करो”, हम मन ही मन मुस्काएँ।

आईने में खुद को देखें, बाल करें विद्रोह,

कंघी बोले “मैं क्या करूँ?”, सिर कहे “मत दो दोष!”

ऑफिस पहुँचे बॉस मिले, चेहरे पर तूफ़ान,

हमने पूछा “गुड मॉर्निंग सर”, बोले “कहाँ है ध्यान?”

फाइलों के उस जंगल में हम ऐसे खो जाते,

जैसे बच्चे होमवर्क से रोज़ ही कन्नी काटे।

ट्रैफिक में जब फँस जाएँ, हॉर्न बजे हज़ार,

आगे वाला सेल्फी ले, पीछे वाला लाचार।

लाल बत्ती पर खड़े-खड़े जीवन दर्शन पाएँ,

ग्रीन हुई तो पीछे वाले तुरत प्रवचन सुनाएँ।

मोबाइल भी कम क्या है, करता रोज़ कमाल,

बैटरी जब ज़रूरत हो, बोले “अब मैं कंगाल!”

नेटवर्क पूरा गायब हो, कॉल बहुत ही खास,

जैसे शादी में लड्डू कम, मेहमान पचास-पचास।

बच्चे बोले “पापा जी, थोड़ा खेलो साथ”,

हम बोले “बस पाँच मिनट”, और निकल गया वो रात।

टीवी पर जब सीरियल में रोना-धोना हो,

हम सोचें — “अरे भई, हँसी का भी तो कोना हो!”

वो जीना भी क्या जीना, जिसमें ठहाका ना हो,

थोड़ी-सी नटखट बातों का फाका ना हो।

दुनिया की इस भाग-दौड़ में हल्का-सा मुस्काएँ,

अपने ग़म को गुदगुदी से थोड़ा-सा बहलाएँ।

क्योंकि सच में जीना वही, जो हँसते-हँसाते बीते,

ग़म आएँ तो भी कह दें — “भाई, पहले चाय तो पीते!”

Wednesday, 18 February 2026

युवा और फिल्मी हीरो

युवा और फिल्मी हीरो

ओ नौजवान, ज़रा ठहर कर देख,

जिसे तू हीरो मान चला है,

वो परदे का बस एक किरदार,

सच में कितना साथ चला है?

बाल बिखेरे, स्टाइल अनोखी,

गुस्से में तोड़े हर दीवार,

तू भी समझे यही है ताकत,

यही है जीवन का आकार।

पर असली दुनिया अलग कहानी,

यहाँ नहीं चलता संवादों का शोर,

यहाँ पसीना, धैर्य, अनुशासन,

बनाते इंसान को मजबूत और।

जिसे तू फॉलो करता है,

वो अभिनय की रोशनी में है,

पर असली हीरो वो बनता,

जो अँधेरे में भी सच के संग है।

सीमा पर खड़ा सैनिक चुप है,

कंधों पर जिम्मेदारी भारी,

घर-घर मेहनत करता मजदूर,

नहीं उसे मिलती ताली सारी।

युवा है तू, ऊर्जा है तेरी,

क्यों दे इसे बस स्टाइल के नाम?

देश, समाज और अपने सपनों,

सबको चाहिए तेरा काम।

हीरो वही जो राह बनाए,

भीड़ नहीं, खुद सोच सके,

अनुशासन, ज्ञान और संस्कार से,

अपनी नई पहचान रखे।

ओ युवा, तू ट्रेंड नहीं, तू परिवर्तन है,

तू शोर नहीं, तू निर्माण है,

फिल्में देख — पर समझ के साथ,

तेरे हाथों में ही कल का मान है।

Monday, 16 February 2026

“हर जगह न्याय नहीं मिलेगा”

 

 “हर जगह न्याय नहीं मिलेगा”

दुनिया न्यायालय नहीं है।
कई जगह शक्ति > सत्य होती है।

यह समझ लेना हार नहीं है,
यह यथार्थ-बोध है।

जो व्यक्ति हर जगह न्याय ढूँढता है,
वह निराश हो जाता है।
जो व्यक्ति व्यवस्था को समझता है,
वह रणनीति बनाता है।