Wednesday, 18 February 2026

युवा और फिल्मी हीरो

युवा और फिल्मी हीरो

ओ नौजवान, ज़रा ठहर कर देख,

जिसे तू हीरो मान चला है,

वो परदे का बस एक किरदार,

सच में कितना साथ चला है?

बाल बिखेरे, स्टाइल अनोखी,

गुस्से में तोड़े हर दीवार,

तू भी समझे यही है ताकत,

यही है जीवन का आकार।

पर असली दुनिया अलग कहानी,

यहाँ नहीं चलता संवादों का शोर,

यहाँ पसीना, धैर्य, अनुशासन,

बनाते इंसान को मजबूत और।

जिसे तू फॉलो करता है,

वो अभिनय की रोशनी में है,

पर असली हीरो वो बनता,

जो अँधेरे में भी सच के संग है।

सीमा पर खड़ा सैनिक चुप है,

कंधों पर जिम्मेदारी भारी,

घर-घर मेहनत करता मजदूर,

नहीं उसे मिलती ताली सारी।

युवा है तू, ऊर्जा है तेरी,

क्यों दे इसे बस स्टाइल के नाम?

देश, समाज और अपने सपनों,

सबको चाहिए तेरा काम।

हीरो वही जो राह बनाए,

भीड़ नहीं, खुद सोच सके,

अनुशासन, ज्ञान और संस्कार से,

अपनी नई पहचान रखे।

ओ युवा, तू ट्रेंड नहीं, तू परिवर्तन है,

तू शोर नहीं, तू निर्माण है,

फिल्में देख — पर समझ के साथ,

तेरे हाथों में ही कल का मान है।

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