वो सौदागर
वो सौदागर,
जो किसी के बच्चों को गुमराह करके
धनवान और शक्तिशाली बनते हैं।
वे महलों में रह सकते हैं,
दौलत के अंबार लगा सकते हैं,
पर जिन हाथों ने
मासूमियत का सौदा किया हो,
उनकी सफलता पर
हमेशा एक अदृश्य कलंक लिखा रहता है।
दूसरों के बच्चों के भविष्य को बेचकर
कमाया गया धन,
धन नहीं होता—
वह आने वाली पीढ़ियों की आहों से
भरी हुई तिजोरी होती है।॥
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