Monday, 22 June 2026

वो सौदागर

 

वो सौदागर

वो सौदागर,
जो किसी के बच्चों को गुमराह करके
धनवान और शक्तिशाली बनते हैं।

वे महलों में रह सकते हैं,
दौलत के अंबार लगा सकते हैं,

पर जिन हाथों ने
मासूमियत का सौदा किया हो,

उनकी सफलता पर
हमेशा एक अदृश्य कलंक लिखा रहता है।

दूसरों के बच्चों के भविष्य को बेचकर
कमाया गया धन,

धन नहीं होता—

वह आने वाली पीढ़ियों की आहों से
भरी हुई तिजोरी होती है।॥

यदि मनुष्यता मर गई,

 

अपने बेटे को किसी का गुंडा मत बनाना

अपने बेटे को किसी का गुंडा मत बनाना,
नहीं तो उससे पाप की बू आएगी।

भले ही वह महंगे कपड़े पहने,
मजबूत शरीर बनाए,
लोग उससे डरें भी—

पर यदि मनुष्यता मर गई,
तो वह चलता-फिरता रोग होगा।

याद करो उस मासूम को,
जब वह पहली बार तुम्हारी गोद में आया था।

कितनी खुशियाँ मनाई थीं तुमने,
कितने सपने सजाए थे उसके लिए।

पर धीरे-धीरे संसार उसे निगल जाता है,
अहंकार, लालच और हिंसा उसे घेर लेते हैं।

और एक दिन,
मनुष्य का शरीर तो बचा रहता है,
पर भीतर का इंसान मर जाता है।

तब वह बेटा नहीं रहता,
सिर्फ एक पशु बन जाता है।

इसलिए उसे धन से पहले संस्कार देना,
ताकत से पहले करुणा देना,
और सफलता से पहले इंसानियत देना।

क्योंकि अंत में वही बेटा महान कहलाता है,
जिससे लोगों को भय नहीं,
विश्वास और प्रेम मिले।॥

अपने बेटे को किसी का गुंडा मत बनने देना

 

अपने बेटे को किसी का गुंडा मत बनने देना

(एक प्रेरणादायक हिंदी कविता)

अपने बेटे को किसी का गुंडा मत बनने देना,
उसे पढ़ाना, उसे संस्कार देना।
उसे सत्य की राह दिखाना,
मानवता का दीप जलाना।

उसे सिखाना सम्मान करना,
निर्बल का भी मान करना।
शक्ति मिले तो रक्षा करना,
कभी न अन्याय का साथ देना।

उसे सिखाना मेहनत करना,
अपने सपनों को सच करना।
ज्ञान की ज्योति मन में भरना,
अंधकार से कभी न डरना।

उसे बताना क्रोध की ज्वाला,
घर-समाज सब जला देती है।
प्रेम, दया और करुणा की गंगा,
जीवन को सुंदर बना देती है।

उसे जीना भी सिखलाना,
हार में भी मुस्कुराना।
सफलता पर विनम्र रहना,
दुख में भी हिम्मत न खोना।

धन-दौलत से बड़ा चरित्र है,
पद-प्रतिष्ठा से बड़ा सत्य है।
जो मानवता को भूल गया,
उसका जीवन ही व्यर्थ है।

अपने बेटे को किसी का गुंडा मत बनने देना,
उसे पढ़ाना, उसे संस्कार देना।
नहीं तो वह भय फैलाने वाला प्राणी बनेगा,
पर यदि शिक्षा और सद्गुण मिले,
तो समाज का उजियारा बनेगा।

वह लोगों के दिलों में सम्मान पाएगा,
अपने कर्मों से दुनिया सजाएगा।
इसलिए उसे इंसान बनाना,
बस यही सबसे बड़ा खजाना।