अपने बेटे को किसी का गुंडा मत बनने देना
(एक प्रेरणादायक हिंदी कविता)
अपने बेटे को किसी का गुंडा मत बनने देना,
उसे पढ़ाना, उसे संस्कार देना।
उसे सत्य की राह दिखाना,
मानवता का दीप जलाना।
उसे सिखाना सम्मान करना,
निर्बल का भी मान करना।
शक्ति मिले तो रक्षा करना,
कभी न अन्याय का साथ देना।
उसे सिखाना मेहनत करना,
अपने सपनों को सच करना।
ज्ञान की ज्योति मन में भरना,
अंधकार से कभी न डरना।
उसे बताना क्रोध की ज्वाला,
घर-समाज सब जला देती है।
प्रेम, दया और करुणा की गंगा,
जीवन को सुंदर बना देती है।
उसे जीना भी सिखलाना,
हार में भी मुस्कुराना।
सफलता पर विनम्र रहना,
दुख में भी हिम्मत न खोना।
धन-दौलत से बड़ा चरित्र है,
पद-प्रतिष्ठा से बड़ा सत्य है।
जो मानवता को भूल गया,
उसका जीवन ही व्यर्थ है।
अपने बेटे को किसी का गुंडा मत बनने देना,
उसे पढ़ाना, उसे संस्कार देना।
नहीं तो वह भय फैलाने वाला प्राणी बनेगा,
पर यदि शिक्षा और सद्गुण मिले,
तो समाज का उजियारा बनेगा।
वह लोगों के दिलों में सम्मान पाएगा,
अपने कर्मों से दुनिया सजाएगा।
इसलिए उसे इंसान बनाना,
बस यही सबसे बड़ा खजाना।
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