जीवन — मन के हर रंग का नाम है
जीवन मन है,
मन में उठता तूफ़ान है,
कभी अहंकार है,
कभी स्वयं से ही पहचान है।
जीवन भावना है,
कभी प्रेम है, कभी ईर्ष्या है,
कभी किसी के लिए समर्पण,
कभी स्वयं को समझने की प्रक्रिया है।
जीवन क्रोध है,
जो भीतर आग लगाता है,
पर वही क्रोध जब दिशा पाता है,
तो बदलाव की शक्ति बन जाता है।
जीवन ईर्ष्या है,
जो मन को बेचैन करती है,
पर वही ईर्ष्या हमें सिखाती है—
दूसरों से नहीं,
हर दिन स्वयं से आगे बढ़ना है।
जीवन प्रेम है,
जो बाँटने से बढ़ता जाता है,
जो बिना किसी अपेक्षा के
जीना सिखाता है।
जीवन बदला भी है,
मन जिसे लेने को आतुर रहता है,
पर समय धीरे से समझाता है—
सबसे सुंदर बदला यही है,
कि हम अपने जीवन को बेहतर बना लें।
जीवन सुकून है,
किसी शांत सुबह की तरह,
किसी मुस्कान की तरह,
किसी अपनेपन की छाँव की तरह।
जीवन बेचैनी है,
जो हमें आगे बढ़ाती है,
कुछ नया खोजने की चाह में
हर पल जगाती है।
जीवन उत्सव है,
जब मन बिना कारण मुस्कुराता है,
जब छोटी-सी खुशी भी
हृदय को भर जाती है।
जीवन पीड़ा है,
पर पीड़ा भी शिक्षक है,
जो गिरकर उठना,
टूटकर जुड़ना
और हारकर फिर चलना सिखाती है।
जीवन आँसू है,
तो जीवन मुस्कान भी है,
जीवन प्रश्न है,
तो जीवन समाधान भी है।
जीवन अंधेरा है,
तो कहीं प्रकाश भी है,
जीवन संघर्ष है,
तो हर संघर्ष के भीतर
एक नई शुरुआत भी है।
जीवन अहंकार है,
तो विनम्रता भी है,
जीवन बेचैनी है,
तो गहरा सुकून भी है।
जीवन में जो मिला,
वह एक अनुभव है,
जो नहीं मिला,
वह भी एक सीख है।
इसलिए जीवन से शिकायत कैसी?
हर रंग का अपना महत्व है—
क्रोध हमें शक्ति देता है,
पीड़ा हमें गहराई देती है,
प्रेम हमें इंसान बनाता है,
और सुकून हमें स्वयं से मिलाता है।
जीवन केवल साँसों का नाम नहीं,
जीवन स्वयं को जानने की यात्रा है।
हर भावना को समझना,
हर अनुभव से सीखना,
हर परिस्थिति में मुस्कुराना,
और हर दिन
कल से बेहतर इंसान बनना है।
क्योंकि अंततः—
जीवन जीत या हार नहीं,
जीवन मन के हर रंग को
पूरी सुंदरता से जीने का नाम है।
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