Tuesday, 30 December 2025

सफलता ढूँढने निकले हो

 सफलता ढूँढने निकले हो, तो जान लो यह सच,

उसकी मंज़िल अपमान और तानों की गलियों से गुज़रती है।
यहाँ हर कदम पर पत्थर मिलेंगे,
और हर मोड़ पर हँसी उड़ाई जाएगी।

जो तानों से डर गया, वो लौट गया भीड़ में,
जो अपमान पी गया, वही आगे बढ़ पाया।
सफलता फूलों की सेज नहीं है,
वो उन्हीं को मिलती है, जो काँटों से दोस्ती कर लेते हैं।

याद रखना—
जो तानों में भी डटा रहा, वही इतिहास लिख गया।
और जो शोर मचाता रहा, वो रास्ते में ही रह गया।

इस दुनिया में इंसान जो बन जाए,

 इस दुनिया में इंसान जो बन जाए,

वो हर दर्द को अपने कंधों पर संभाल लेता है।
आँसुओं की बारिश में भी वह मुस्कुराता है,
और टूटे हुए सपनों को जोड़ना जान जाता है।

तानों और ठोकरों के बीच,
वो हार नहीं मानता, चलता जाता है।
हर चोट, हर अपमान उसे मजबूत बनाता है,
और उसका दिल और बड़ा, और उसकी रूह और गहरी हो जाती है।

इंसान वही है, जो दर्द को समझकर भी,
दूसरों के लिए सहारा बन जाए।
इस दुनिया में जो बन जाए इंसान,
वो हर आँधियों में भी दीप जलाए रखता है।

अहंकारः… क्रूरता की आग है


ज्ञानो विनयम् जनयति…
इल्म इंसान को झुकना सिखाता है,
नज़र में नमी, दिल में इंसाफ़ छोड़ जाता है…
विनय में दर्द भी दुआ बन जाता है।


अहंकारः…
क्रूरता की आग है,
जो आदमी को आदमी से
और फिर ख़ुद से अलग कर जाती है।


याद रखो!
विनम्रता इंसान बनाती है—
और अहंकार, इंसान को ही इंसान के ख़िलाफ़ खड़ा कर देता है! 🔥👏

सब्र ही अपमान का सबसे बड़ा जवाब है,

 सब्र ही अपमान का सबसे बड़ा जवाब है,

चीख़ कमज़ोरी है, खामोशी इंक़लाब है।
जो शोर मचाकर नीचा दिखाए, वो ख़ुद हार जाता है,
वक़्त गवाही देता है—सब्र रखने वाला ही राज करता है!

वार

 अपमान ने जिसे हरा दिया, वो जंग बिना लड़े हार गया,

यहाँ मौत तलवार से नहीं, बातों के वार से आती है।

सब्र को जो सीने में रखे, वही लिखता है अपना नाम।

 

जो अपमान को पेशा बनाए, वो किरदार बौने होते हैं,

दूसरों की तौहीन में ही जिनके सपने सोने होते हैं।


तानों से चलती है जिनकी रोज़ी, ज़िल्लत उनका काम,

सब्र को जो सीने में रखे, वही लिखता है अपना नाम।

खामोशी से सहने वाला ही बनाता है अपना आसमान

 

अपमान ही जिनकी रोज़ी है, वही सबसे छोटे लोग हैं,

दूसरों को तोड़कर जो हँसें, उनके भीतर खोखले रोग हैं।

तानों से चलती है जिनकी नौकरी, झूठा है उनका मान,

खामोशी से सहने वाला ही बनाता है अपना आसमान।