सफलता ढूँढने निकले हो, तो जान लो यह सच,
उसकी मंज़िल अपमान और तानों की गलियों से गुज़रती है।
यहाँ हर कदम पर पत्थर मिलेंगे,
और हर मोड़ पर हँसी उड़ाई जाएगी।
जो तानों से डर गया, वो लौट गया भीड़ में,
जो अपमान पी गया, वही आगे बढ़ पाया।
सफलता फूलों की सेज नहीं है,
वो उन्हीं को मिलती है, जो काँटों से दोस्ती कर लेते हैं।
याद रखना—
जो तानों में भी डटा रहा, वही इतिहास लिख गया।
और जो शोर मचाता रहा, वो रास्ते में ही रह गया।