ज्ञानो विनयम् जनयति…
इल्म इंसान को झुकना सिखाता है,
नज़र में नमी, दिल में इंसाफ़ छोड़ जाता है…
विनय में दर्द भी दुआ बन जाता है।
अहंकारः…
क्रूरता की आग है,
जो आदमी को आदमी से
और फिर ख़ुद से अलग कर जाती है।
याद रखो!
विनम्रता इंसान बनाती है—
और अहंकार, इंसान को ही इंसान के ख़िलाफ़ खड़ा कर देता है! 🔥👏
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