“किशोरावस्था से आज तक” "ये कविताएँ जीवन के उन पलों की अभिव्यक्ति हैं, जहाँ भावनाएँ शब्दों में ढलकर एक राह बनाती हैं — जीने की राह।" -MANOJ PARMAR SIR
मरने से पहले
पहन लो रंग-बिरंगे वस्त्र
खालो लाजवाब पकवान
घूम लो फिर लो
मौज कर लो।
लेकिन कुछ न जाने क्यों
कुछ लोग
रंग-बिरंगे वस्त्र त्याग देते हैं
उपवास में आनंदित होते हैं
एक ही जगह रुक जाते हैं
फिर भी सबसे ज्यादा मौज में रहते हैं।
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