“किशोरावस्था से आज तक” "ये कविताएँ जीवन के उन पलों की अभिव्यक्ति हैं, जहाँ भावनाएँ शब्दों में ढलकर एक राह बनाती हैं — जीने की राह।" -MANOJ PARMAR SIR
सपनों में पाओ या यथार्थ में
कुछ अंतर होता हैं भला
जितने सपने उतने संसार
अनंत सपने अनंत अनंत संसार
सब सच है और सब सपने भी है
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